सिवाकासी, तमिलनाडु में स्थित आतिशबाजी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र

 

पेसो द्वारा "आतिशबाजी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र (एफआरडीसी)’’ इस परियोजना की सिवाकासी में स्‍थापना की गई, जो आतिशबाज़ी विनिर्माण गतिविधियों का केंद्र है और जहां पूरे देश की आतिशबाजी की मांग की 90% पूर्ति होती हैं ।

 

संकल्‍पना : एफआरडीसी, भारतीय आतिशबाजी उद्योग के सुरक्षित आतिशबाजी विनिर्माण तथा प्रबंधन की जरूरतों को पूरा करने में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु प्रयासरत हैं । इस तरह प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन के प्रशिक्षण के परिनियोजन के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल (एन्वाइरन्मन्ट फ्रेन्ड्ली) और मशीनीकरण द्वारा गुणवत्ता वाले उत्पादों का विकास सुनिश्चित करता हैं ।

 उद्देश्य: एफआरडीसी को भारतीय आतिशबाजी विनिर्माण उद्योग के निम्नलिखित जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है :

·         एन्वाइरन्मन्ट फ्रेन्ड्ली आतिशबाजी का विकास

·         परिसंकटमय विनिर्माण प्रक्रियाओं का मशीनीकरण

·         उत्पादों का विकास और मानकीकरण

·         कर्मियों की सुरक्षा

·         रासायनिक संरचना और उपकरणों का अध्ययन

·         गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता आश्वासन

·         अंतरराष्ट्रीय कार्यक्षेत्र में उद्योग का मार्केट शेयर

·         तकनीकी संसाधन विकास

·         मानव संसाधन विकास

·         कच्चे माल का परीक्षण

एफआरडीसी अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर):

10वीं और 11वीं पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत, एफआरडीसी और संबंधित बुनियादी सुविधाएं 5 एकड़ भूमि पर 4.33 करोड़ रुपए का व्यय कर निर्मित की गई है । एफआरडीसी, समर्पित भौतिक, रासायनिक, आतिशबाज़ी (पायरो) और इंस्ट्रूमेंटेशन प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय जैसे उत्कृष्ट बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित है । यहां पर आधुनिक थर्मो विश्लेषणात्मक उपकरण, विभिन्न स्‍पेक्‍ट्रोफोटोमिटर्स और ध्वनि स्तर मीटर उपलब्‍ध कराएं गए हैं ।