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वर्तमान में पेसो एक महत्वपूर्ण परियोजना आतिशबाजी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र सिवाकासी में स्थापित करने में कार्यरत है ।   सिवाकासी आतिशबाजी उत्पादन का महत्वपूर्ण केन्द्र है और पूरे देश की आतिशबाजियों की माँग को पूरा करता है ।  भारत सरकार ने 10 वे पंचबर्षीय योजना के तहत वर्ष 2002-2003 में इस परियोजना को मंजूरी दी है ।  इस पूरी परियोजना पर कुल 5 करोड रूपये खर्च होने का अनुमान है ।
 
  आतिशबाजी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र आतिशबाजी उद्योग की निम्नलिखित जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा,
 
  • विनिर्देशों के अनुसार कच्चे माल का परिक्षण
  • आतिशबाजी उत्पादन से जुडे लोगो की सुरक्षा
  • रसायनिक मिश्रणों व खोल के स्वरूप का अध्ययन.
  • जोखिम वाले उत्पादन प्रक्रियाओं का यंत्रीकरण
  • उत्पादों का विकास तथा मानकीकरण
  • गुणवत्ता नियंत्रण तथा गुणवत्ता का आश्वासन
  • पर्यावरण अनुकूलित उत्पादो का विकास
  • अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत में निर्मित आतिशबाजी कीहिस्सेदारी बढाना
  • तकनीकि संसाधनों का विकास
  • मानव संसाधन विकास

 

आतिशबाजी अनुसंधान एवं विकास केन्द्र (एफआरडीसी) स्थापना की वर्तमान स्थिती :
 
एफआरडीसी के स्थापना के लिए भूमि प्राप्त कर ली गई है ।  भवन निर्माण कार्य तथा आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम प्रगती पर है ।